ट्रंप ने चेतावनी की मोहलत बढ़ाई, ईरान ने कहा नहीं हुई बातचीत
ईरान पर ट्रंप का मिला-जुला संकेत, बातचीत के एलान से बाजार उछला

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डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका की ईरान में सुप्रीम लीडर से नहीं, “शीर्ष व्यक्ति” से बात हो रही है. हालांकि, बातचीत हुई है इससे ईरान के इनकार के कारण यह साफ नहीं है कि दोनों पक्ष विवाद खत्म करने की दिशा में कहां पहुंचे हैं
डॉनल्ड ट्रंप के नए एलान से वित्तीय बाजारों को राहत मिली है. होरमुज स्ट्रेट खोलने की समयसीमा खत्म होने से पहले ट्रंप ने एलान किया कि ईरान के साथ अच्छी और सकारात्मक बातचीत हुई है. इसका असर वॉल स्ट्रीट पर दिखा, जहां स्टॉक कीमतों में उछाल आया.
तेल की कीमतें भी सुधरीं. ब्रेंट क्रूड के एक बैरल की कीमत आठ फीसदी घट गई. पिछले हफ्ते यह करीब 120 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया था और आज 103.3 डॉलर पर चला आया. एस एंड पी 500 इंडेक्स भी 1.3 प्रतिशत उछला.
इससे पहले, होरमुज स्ट्रेट के बंद होने और इसपर हो रही तनातनी के कारण युद्ध का दायरा और फैलने की आशंका थी. इसके चलते 23 मार्च को यूरोप और एशिया के बाजार ढुलक गए. वॉल स्ट्रीट पर भी असर पड़ने के आसार थे. मगर, अमेरिकी बाजार खुलने के पहले ट्रंप का पोस्ट आया और इसके कारण बाजार पर दबाव कम हुआ.
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जहां तक अमेरिका और ईरान की बातचीत का सवाल है, तो तेहरान की प्रतिक्रिया ट्रंप से मेल नहीं खाती. ट्रंप के एलान के कुछ ही देर बाद ईरान के सरकारी टेलीविजन ने दावा किया कि तेहरान की सख्त चेतावनी के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति पीछे हटे. समाचार एजेंसी एपी ने ईरान के एक सरकारी समाचारपत्र के हवाले से बताया कि विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के साथ कोई भी वार्ता होने से इनकार किया है.
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ट्रंप ने ईरान को लेकर कई दावे किए हैं. एक तरफ उन्होंने कहा कि बातचीत में सहमति के कई बिंदु मिल गए हैं, साथ ही यह दावा भी किया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन प्रभावी रूप से प्रगति में है. उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर बातचीत नाकामयाब रही, तो बमबारी जारी रहेगी. उन्होंने यह भी कहा कि अयातुल्लाह खमेनेई के बेटे मोजतबा को वह लीडर नहीं मानते और शायद वेनेजुएला की तरह ईरान में भी अमेरिका एक “लीडर” खोज लेगा



